| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 2: अयोध्या काण्ड » सर्ग 74: भरत का कैकेयी को कड़ी फटकार देना » श्लोक 4 |
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| | | | श्लोक 2.74.4  | भ्रूणहत्यामसि प्राप्ता कुलस्यास्य विनाशनात्।
कैकेयि नरकं गच्छ मा च तातसलोकताम्॥ ४॥ | | | | | | अनुवाद | | कैकेयी! इस कुल का नाश करके तुमने भ्रूण-हत्या का पाप अपने ऊपर ले लिया है, इसलिए तुम्हें नरक में जाना चाहिए, अपने पिता के लोक में नहीं जाना चाहिए॥4॥ | | | | Kaikeyi! By destroying this family you have taken the sin of killing an embryo upon yourself, therefore you should go to hell and not go to your father's world. ॥ 4॥ | | ✨ ai-generated | | |
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