श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 74: भरत का कैकेयी को कड़ी फटकार देना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  2.74.23 
एतौ दृष्ट्वा कृशौ दीनौ सूर्यरश्मिप्रतापितौ।
वध्यमानौ बलीवर्दौ कर्षकेण दुरात्मना॥ २३॥
 
 
अनुवाद
'ये दोनों बैल बहुत दुर्बल और दुःखी हैं। सूर्य की किरणों से झुलस गए हैं और ऊपर से दुष्ट किसान इन्हें पीट रहा है।॥23॥
 
'These two bulls are very weak and sad. They have been scorched by the rays of the sun and on top of that the evil farmer is beating them.॥ 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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