| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 2: अयोध्या काण्ड » सर्ग 74: भरत का कैकेयी को कड़ी फटकार देना » श्लोक 21 |
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| | | | श्लोक 2.74.21  | एवमुक्ता तु सुरभि: सुरराजेन धीमता।
प्रत्युवाच ततो धीरा वाक्यं वाक्यविशारदा॥ २१॥ | | | | | | अनुवाद | | जब बुद्धिमान देवराज इन्द्र ने यह प्रश्न पूछा, तब बोलने में चतुर और धैर्यवान स्वभाव वाली सुरभि ने उन्हें इस प्रकार उत्तर दिया -॥21॥ | | | | ‘When the wise king of gods Indra asked this question, Surabhi, who was clever in speaking and had a patient nature, replied to him thus -॥ 21॥ | | ✨ ai-generated | | |
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