श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 74: भरत का कैकेयी को कड़ी फटकार देना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.74.19 
तां दृष्ट्वा शोकसंतप्तां वज्रपाणिर्यशस्विनीम्।
इन्द्र: प्राञ्जलिरुद्विग्न: सुरराजोऽब्रवीद् वच:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
'यशस्विनी सुरभिको को दुःख से व्याकुल देखकर वज्रधारी देवता इन्द्र व्याकुल हो उठे और हाथ जोड़कर बोले- ॥19॥
 
'Seeing Yashaswini Surabhiko distressed with grief, Indra, the god carrying the thunderbolt, became upset and said with folded hands - ॥ 19॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas