Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.73.3: राजा को परलोक और भगवान राम को तपस्वी बनाकर तुमने मुझे दुःख पर दुःख दिया है; घाव पर नमक छिड़का है॥3॥   |   ramayan सर्ग 2.73: भरत का कैकेयी को धिक्कारना और उसके प्रति महान् रोष प्रकट करना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 73: भरत का कैकेयी को धिक्कारना और उसके प्रति महान् रोष प्रकट करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.73.3 
दु:खे मे दु:खमकरोर्व्रणे क्षारमिवाददा:।
राजानं प्रेतभावस्थं कृत्वा रामं च तापसम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
राजा को परलोक और भगवान राम को तपस्वी बनाकर तुमने मुझे दुःख पर दुःख दिया है; घाव पर नमक छिड़का है॥3॥
 
‘By making the king go to the other world and Lord Rama an ascetic, you have given me pain upon pain; you have sprinkled salt on the wound.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)