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ramayan 2.73.20: ‘इस परिवार में सबसे बड़े को राजा के रूप में अभिषिक्त किया जाता है; अन्य भाई बड़े के आदेशों के अनुसार सावधानीपूर्वक काम करते हैं।   |   ramayan सर्ग 2.73: भरत का कैकेयी को धिक्कारना और उसके प्रति महान् रोष प्रकट करना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 73: भरत का कैकेयी को धिक्कारना और उसके प्रति महान् रोष प्रकट करना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  2.73.20 
अस्मिन् कुले हि सर्वेषां ज्येष्ठो राज्येऽभिषिच्यते।
अपरे भ्रातरस्तस्मिन् प्रवर्तन्ते समाहिता:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
‘इस परिवार में सबसे बड़े को राजा के रूप में अभिषिक्त किया जाता है; अन्य भाई बड़े के आदेशों के अनुसार सावधानीपूर्वक काम करते हैं।
 
‘In this family, the eldest one is anointed as the king; the other brothers carefully work under the orders of the elder one.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)