श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 72: भरत का कैकेयी से पिता के परलोकवास का समाचार पा दुःखी हो विलाप करना,कैकेयी द्वारा उनका श्रीराम के वनगमन के वृत्तान्त से अवगत होना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  2.72.38 
सिद्धार्थास्तु नरा राममागतं सह सीतया।
लक्ष्मणं च महाबाहुं द्रक्ष्यन्ति पुनरागतम्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
'केवल वे ही धन्य होंगे जो महाबाहु श्री राम और लक्ष्मण को सीता सहित लौटते हुए देखेंगे।'
 
'Only those who will see the mighty-armed Sri Rama and Lakshmana returning with Sita will be blessed.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)