Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.70.17: 'पिताजी! जाओ, मैं तुम्हें आज्ञा देता हूँ। कैकेयी को तुम्हें पाकर एक अद्भुत सन्तान प्राप्त हुई है। हे शत्रुओं को संताप देने वाले वीर! अपने माता-पिता से यहाँ का कुशल-क्षेम कहो।॥17॥ | ramayan सर्ग 2.70: दूतों का भरत को वसिष्ठजी का संदेश सुनाना, भरत का पिता आदि की कुशल पूछना, शत्रुघ्न के साथ अयोध्या की ओर प्रस्थान करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'पिताजी! जाओ, मैं तुम्हें आज्ञा देता हूँ। कैकेयी को तुम्हें पाकर एक अद्भुत सन्तान प्राप्त हुई है। हे शत्रुओं को संताप देने वाले वीर! अपने माता-पिता से यहाँ का कुशल-क्षेम कहो।॥17॥
'Father! Go, I command you. Kaikeyi has got a wonderful child after getting you. O brave man who torments the enemies! Tell your mother and father about the well-being here.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥