Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.70.14: दूतों से ऐसा कहकर राजकुमार भरत उनसे प्रेरित होकर अपने नाना के पास गए और बोले-॥14॥   |   ramayan सर्ग 2.70: दूतों का भरत को वसिष्ठजी का संदेश सुनाना, भरत का पिता आदि की कुशल पूछना, शत्रुघ्न के साथ अयोध्या की ओर प्रस्थान करना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 70: दूतों का भरत को वसिष्ठजी का संदेश सुनाना, भरत का पिता आदि की कुशल पूछना, शत्रुघ्न के साथ अयोध्या की ओर प्रस्थान करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  2.70.14 
एवमुक्त्वा तु तान् दूतान् भरत: पार्थिवात्मज:।
दूतै: संचोदितो वाक्यं मातामहमुवाच ह॥ १४॥
 
 
अनुवाद
दूतों से ऐसा कहकर राजकुमार भरत उनसे प्रेरित होकर अपने नाना के पास गए और बोले-॥14॥
 
Having said this to the messengers, Prince Bharata, inspired by them, went to his maternal grandfather and said -॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)