vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 2: अयोध्या काण्ड
»
सर्ग 70: दूतों का भरत को वसिष्ठजी का संदेश सुनाना, भरत का पिता आदि की कुशल पूछना, शत्रुघ्न के साथ अयोध्या की ओर प्रस्थान करना
»
श्लोक 11
श्लोक
2.70.11
एवमुक्तास्तु ते दूता भरतेन महात्मना।
ऊचु: सम्प्रश्रितं वाक्यमिदं तं भरतं तदा॥ ११॥
अनुवाद
महात्मा भरत के पूछने पर दूतों ने उनसे विनम्रतापूर्वक यह कहा- ॥11॥
When Mahatma Bharat asked this, the messengers politely told him this - ॥ 11॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd