Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.69.3: यह जानते हुए कि वह चिंतित थे, उनके कई दयालु मित्रों ने उनकी मानसिक पीड़ा को कम करने की इच्छा से एक बैठक आयोजित की और वहां विभिन्न विषयों पर चर्चा शुरू कर दी। | ramayan सर्ग 2.69: भरत की चिन्ता, मित्रों द्वारा उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास तथा उनके पूछने पर भरत का मित्रों के समक्ष अपने देखे हुए भयंकर दुःस्वप्न का वर्णन करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह जानते हुए कि वह चिंतित थे, उनके कई दयालु मित्रों ने उनकी मानसिक पीड़ा को कम करने की इच्छा से एक बैठक आयोजित की और वहां विभिन्न विषयों पर चर्चा शुरू कर दी।
Knowing that he was worried, many of his kind-hearted friends, with the desire to alleviate his mental anguish, organized a meeting and began discussing various topics there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥