Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.69.17: 'इस प्रकार मैंने इस भयंकर रात्रि में यह स्वप्न देखा है। इसका फल यह होगा कि मैं, श्री राम, राजा दशरथ अथवा लक्ष्मण - इनमें से कोई एक अवश्य मरेगा॥ 17॥ | ramayan सर्ग 2.69: भरत की चिन्ता, मित्रों द्वारा उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास तथा उनके पूछने पर भरत का मित्रों के समक्ष अपने देखे हुए भयंकर दुःस्वप्न का वर्णन करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवमेतन्मया दृष्टमिमां रात्रिं भयावहाम्।
अहं रामोऽथवा राजा लक्ष्मणो वा मरिष्यति॥ १७॥
अनुवाद
'इस प्रकार मैंने इस भयंकर रात्रि में यह स्वप्न देखा है। इसका फल यह होगा कि मैं, श्री राम, राजा दशरथ अथवा लक्ष्मण - इनमें से कोई एक अवश्य मरेगा॥ 17॥
'Thus, I have seen this dream during this dreadful night. Its result will be that either I, Shri Ram, King Dasharath or Lakshmana - one of them will surely die.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥