श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 68: वसिष्ठजी की आज्ञा से पाँच दूतों का अयोध्या से केकयदेश के राजगृह नगर में जाना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  2.68.18 
अवेक्ष्याञ्जलिपानांश्च ब्राह्मणान् वेदपारगान्।
ययुर्मध्येन बाह्लीकान् सुदामानं च पर्वतम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
वेदों में पारंगत तथा केवल चुल्लू भर जल पीकर तपस्या करने वाले ब्राह्मणों को देखकर दूतगण बाह्लीक देश के मध्य में स्थित सुदामा नामक पर्वत पर पहुँचे।
 
After seeing the Brahmins who were well versed in the Vedas and were performing tapasya by drinking only a handful of water, the messengers reached the mountain named Sudama situated in the centre of the Bahlika country.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)