श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 67: मार्कण्डेय आदि मुनियों तथा मन्त्रियों का राजा के बिना होने वाली देश की दुरवस्था का वर्णन करके वसिष्ठजी से किसी को राजा बनाने के लिये अनुरोध  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  2.67.20 
नाराजके जनपदे बद्धघण्टा विषाणिन:।
अटन्ति राजमार्गेषु कुञ्जरा: षष्टिहायना:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
'जिस क्षेत्र में कोई राजा नहीं है, वहां साठ साल के दांत वाले हाथी घंटियां बांधकर सड़कों पर नहीं घूमते।
 
'In a region where there is no king, sixty year old tusked elephants do not roam the streets with bells tied to them.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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