|
| |
| |
श्लोक 2.66.8  |
स मामनाथां विधवां नाद्य जानाति धार्मिक:।
राम: कमलपत्राक्षो जीवन्नाशमितो गत:॥ ८॥ |
| |
| |
| अनुवाद |
| मैं अनाथ और विधवा हो गई हूँ - यह बात मेरे धर्मात्मा पुत्र कमलनेत्र श्री राम को ज्ञात नहीं है। वे जीवित रहते हुए ही यहाँ से अंतर्धान हो गए हैं॥8॥ |
| |
| 'I have become an orphan and a widow - this fact is not known to my virtuous son, lotus-eyed Shri Ram. He has disappeared from here while still alive.॥ 8॥ |
| ✨ ai-generated |
| |
|