Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.66.23: रघुकुल के राजा दशरथ की सुन्दर रानियाँ दुःख से भर गईं, आँसू बहा रही थीं, तरह-तरह के हाव-भाव कर रही थीं, विलाप कर रही थीं। उनका सुख नष्ट हो गया था। | ramayan सर्ग 2.66: राजा के लिये कौसल्या का विलाप और कैकेयी की भर्त्सना, मन्त्रियों का राजा के शव को तेल से भरे हुए कड़ाह में सुलाना, पुरी की श्रीहीनता और पुरवासियों का शोक । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रघुकुल के राजा दशरथ की सुन्दर रानियाँ दुःख से भर गईं, आँसू बहा रही थीं, तरह-तरह के हाव-भाव कर रही थीं, विलाप कर रही थीं। उनका सुख नष्ट हो गया था।
The beautiful queens of King Dasharath of Raghukul were filled with grief and were shedding tears and making various gestures and wailing. Their happiness had been lost.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥