श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 66: राजा के लिये कौसल्या का विलाप और कैकेयी की भर्त्सना, मन्त्रियों का राजा के शव को तेल से भरे हुए कड़ाह में सुलाना, पुरी की श्रीहीनता और पुरवासियों का शोक  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.66.16 
तैलद्रोण्यां शायितं तं सचिवैस्तु नराधिपम्।
हा मृतोऽयमिति ज्ञात्वा स्त्रियस्ता: पर्यदेवयन्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जब मंत्रियों ने राजा के शव को तेल के जहाज में लिटा दिया, तब यह जानकर सभी रानियाँ पुनः विलाप करने लगीं और कहने लगीं, 'हाय! यह राजा परलोक चला गया।'
 
When the ministers laid the king's corpse in the oil boat, all the queens, knowing this, started lamenting again saying, 'Alas! this king has gone to the other world.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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