Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.66.13: अपने पति के शव को हृदय से लगाए हुए तथा अत्यन्त दुःख से विलाप करती हुई तपस्विनी कौशल्या को अन्य स्त्रियों तथा राजकार्य की देखभाल करने वाले मंत्रियों ने वहाँ से हटा दिया। | ramayan सर्ग 2.66: राजा के लिये कौसल्या का विलाप और कैकेयी की भर्त्सना, मन्त्रियों का राजा के शव को तेल से भरे हुए कड़ाह में सुलाना, पुरी की श्रीहीनता और पुरवासियों का शोक । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने पति के शव को हृदय से लगाए हुए तथा अत्यन्त दुःख से विलाप करती हुई तपस्विनी कौशल्या को अन्य स्त्रियों तथा राजकार्य की देखभाल करने वाले मंत्रियों ने वहाँ से हटा दिया।
Clutching her husband's body to her heart and wailing in great grief, the ascetic Kausalya was removed from there by the other women, by the ministers who looked after the royal affairs.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥