Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.66.1-2: मृत राजा के शरीर को देखकर कौशल्या के नेत्रों में आँसू भर आए, जो बुझी हुई अग्नि, जलरहित समुद्र और कान्तिहीन सूर्य के समान शोभाहीन लग रहा था। अनेक प्रकार से शोक से व्याकुल होकर उन्होंने राजा का सिर गोद में ले लिया और कैकेयी से इस प्रकार बोलीं -॥1-2॥ | ramayan सर्ग 2.66: राजा के लिये कौसल्या का विलाप और कैकेयी की भर्त्सना, मन्त्रियों का राजा के शव को तेल से भरे हुए कड़ाह में सुलाना, पुरी की श्रीहीनता और पुरवासियों का शोक । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मृत राजा के शरीर को देखकर कौशल्या के नेत्रों में आँसू भर आए, जो बुझी हुई अग्नि, जलरहित समुद्र और कान्तिहीन सूर्य के समान शोभाहीन लग रहा था। अनेक प्रकार से शोक से व्याकुल होकर उन्होंने राजा का सिर गोद में ले लिया और कैकेयी से इस प्रकार बोलीं -॥1-2॥
Kausalya's eyes filled with tears on seeing the body of the deceased king which looked as graceless as an extinguished fire, a waterless ocean and a sun without its radiance. Grief-stricken in many ways, she took the king's head in her lap and spoke to Kaikeyi thus -॥1-2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥