श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 64: राजा दशरथ का अपने द्वारा मुनि कुमार के वध से दुःखी हुए उनके मातापिता के विलाप और उनके दिये हुए शाप का प्रसंग सुनाकर अपने प्राणों को त्याग देना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  2.64.36 
तिष्ठ मा मा गम: पुत्र यमस्य सदनं प्रति।
श्वो मया सह गन्तासि जनन्या च समेधित:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
"बेटा! रुको, आज यमराज के घर मत जाओ। कल मेरे और अपनी माँ के साथ चलो।"
 
"Son! Wait, don't go to Yamraj's house today. Come with me and your mother tomorrow.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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