Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.63.50: 'मैंने ब्राह्मण की हत्या की है - इस चिंता को अपने हृदय से निकाल दीजिए। हे राजन! मैं ब्राह्मण नहीं हूँ, इसलिए ब्राह्मण की हत्या के विषय में आपके मन में कोई शोक नहीं होना चाहिए।' | ramayan सर्ग 2.63: राजा दशरथ का शोक और उनका कौसल्या से अपने द्वारा मुनि कुमार के मारे जाने का प्रसङ्ग सुनाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्महत्याकृतं तापं हृदयादपनीयताम्।
न द्विजातिरहं राजन् मा भूत् ते मनसो व्यथा॥ ५०॥
अनुवाद
'मैंने ब्राह्मण की हत्या की है - इस चिंता को अपने हृदय से निकाल दीजिए। हे राजन! मैं ब्राह्मण नहीं हूँ, इसलिए ब्राह्मण की हत्या के विषय में आपके मन में कोई शोक नहीं होना चाहिए।'
"I have committed the murder of a brahmin - remove this worry from your heart. O King! I am not a Brahmin, therefore you should not have any sorrow in your mind about the murder of a brahmin. 50.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥