Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.63.3: जब भगवान राम अपनी पत्नी के साथ वन के लिए चले गए, तो कोसल के राजा दशरथ को अपने पिछले पापों का स्मरण हुआ और उन्होंने कौशल्या से यह बात कहने का विचार किया, जिनकी आंखें काली थीं। | ramayan सर्ग 2.63: राजा दशरथ का शोक और उनका कौसल्या से अपने द्वारा मुनि कुमार के मारे जाने का प्रसङ्ग सुनाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सभार्ये हि गते रामे कौसल्यां कोसलेश्वर:।
विवक्षुरसितापाङ्गीं स्मृत्वा दुष्कृतमात्मन:॥ ३॥
अनुवाद
जब भगवान राम अपनी पत्नी के साथ वन के लिए चले गए, तो कोसल के राजा दशरथ को अपने पिछले पापों का स्मरण हुआ और उन्होंने कौशल्या से यह बात कहने का विचार किया, जिनकी आंखें काली थीं।
When Lord Rama along with his wife left for the forest, King Dasharatha of Kosal remembered his past sins and thought of saying this to Kausalya who had dark eyes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥