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श्लोक  2.63.26 
कथमस्मद्विधे शस्त्रं निपतेच्च तपस्विनि।
प्रविविक्तां नदीं रात्रावुदाहारोऽहमागत:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
"आह! मुझ जैसे तपस्वी पर हथियार कैसे लग सकता है? मैं तो रात में पानी भरने के लिए ही नदी के इस निर्जन तट पर आया था।"
 
"Ah! How could a weapon have struck an ascetic like me? I had only come to this lonely bank of the river to fetch water at night.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)