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ramayan 2.63.1: दो घड़ी के बाद राजा दशरथ पुनः जाग उठे। उस समय उनका हृदय शोक से व्याकुल हो रहा था। वे मन में चिन्ता करने लगे॥1॥   |   ramayan सर्ग 2.63: राजा दशरथ का शोक और उनका कौसल्या से अपने द्वारा मुनि कुमार के मारे जाने का प्रसङ्ग सुनाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.63.1 
प्रतिबुद्धो मुहूर्तेन शोकोपहतचेतन:।
अथ राजा दशरथ: स चिन्तामभ्यपद्यत॥ १॥
 
 
अनुवाद
दो घड़ी के बाद राजा दशरथ पुनः जाग उठे। उस समय उनका हृदय शोक से व्याकुल हो रहा था। वे मन में चिन्ता करने लगे॥1॥
 
King Dasharath woke up again after just two hours. At that time his heart was agitated with grief. He started worrying in his mind.॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)