श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 61: कौसल्या का विलाप पूर्वक राजा दशरथ को उपालम्भ देना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.61.26 
हतं त्वया राष्ट्रमिदं सराज्यं
हता: स्म सर्वा: सह मन्त्रिभिश्च।
हता सपुत्रास्मि हताश्च पौरा:
सुतश्च भार्या च तव प्रहृष्टौ॥ २६॥
 
 
अनुवाद
‘श्री राम को वन में भेजकर आपने इस राष्ट्र तथा आस-पास के अन्य राज्यों का विनाश कर दिया। मंत्रियों सहित समस्त प्रजा को मार डाला। मैं और मेरा पुत्र आपके द्वारा मारे गए तथा इस नगर के निवासी भी लगभग नष्ट हो गए। केवल आपके पुत्र भरत और पत्नी कैकेयी ही सुखी हैं।’॥26॥
 
‘By sending Shri Ram to the forest, you destroyed this nation and other kingdoms in the vicinity. You killed all the subjects including the ministers. I along with my son were killed by you and the residents of this city were also almost destroyed. Only your son Bharat and wife Kaikeyi are happy.’॥26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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