श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 61: कौसल्या का विलाप पूर्वक राजा दशरथ को उपालम्भ देना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.61.11 
यदि पञ्चदशे वर्षे राघव: पुनरेष्यति।
जह्याद् राज्यं च कोशं च भरतो नोपलक्ष्यते॥ ११॥
 
 
अनुवाद
'यदि श्री रामचन्द्रजी पंद्रहवें वर्ष में वन से लौट आएँ, तो भी यह सम्भव नहीं है कि भरत उनके लिए राज्य और कोष छोड़ जाएँ॥ 11॥
 
'If Sri Ramachandra returns from the forest in the fifteenth year, it does not seem likely that Bharata would leave the kingdom and the treasury for him.॥ 11॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas