त्यज शोकं च मोहं च सम्भ्रमं दु:खजं तथा।
व्यवधूय च संतापं वने वत्स्यति राघव:॥ ५॥
अनुवाद
रानी! आप इस शोक, मोह और दुःखजन्य चिन्ता को त्याग दीजिए। इस समय समस्त दुःखों को भूलकर श्री रामचन्द्रजी वन में निवास कर रहे हैं।
Queen! Please leave this grief, attachment and anxiety caused by sadness. At this time, forgetting all the sorrows, Shri Ramchandraji is residing in the forest.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥