श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 6: सीता सहित श्रीराम का नियम परायण होना, हर्ष में भरे पुरवासियों द्वारा नगर की सजावट  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  2.6.24 
चिरं जीवतु धर्मात्मा राजा दशरथोऽनघ:।
यत्प्रसादेनाभिषिक्तं रामं द्रक्ष्यामहे वयम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
'धर्मात्मा और निष्पाप राजा दशरथ चिरकाल तक जीवित रहें, जिनके आशीर्वाद से हम श्री राम का राज्याभिषेक देख सकेंगे।' 24॥
 
'May the righteous and sinless king Dasharatha live forever, with whose blessings we will be able to see the coronation of Shri Ram.' 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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