Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.6.21: 'ओह! ये राजा दशरथ, जिन्होंने इक्ष्वाकु वंश को आनन्द प्रदान किया है, महान् महात्मा हैं, जो अपने को वृद्ध जानकर भी श्री राम को राजा पद पर अभिषिक्त करने जा रहे हैं। | ramayan सर्ग 2.6: सीता सहित श्रीराम का नियम परायण होना, हर्ष में भरे पुरवासियों द्वारा नगर की सजावट । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अहो महात्मा राजायमिक्ष्वाकुकुलनन्दन:।
ज्ञात्वा वृद्धं स्वमात्मानं रामं राज्येऽभिषेक्ष्यति॥ २१॥
अनुवाद
'ओह! ये राजा दशरथ, जिन्होंने इक्ष्वाकु वंश को आनन्द प्रदान किया है, महान् महात्मा हैं, जो अपने को वृद्ध जानकर भी श्री राम को राजा पद पर अभिषिक्त करने जा रहे हैं।
'Oh! This King Dasharatha, who has brought joy to the Ikshwaku clan, is a great saint, who, knowing himself to be old, is going to anoint Shri Ram as the king.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥