श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 6: सीता सहित श्रीराम का नियम परायण होना, हर्ष में भरे पुरवासियों द्वारा नगर की सजावट  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  2.6.17 
कृतपुष्पोपहारश्च धूपगन्धाधिवासित:।
राजमार्ग: कृत: श्रीमान् पौरै रामाभिषेचने॥ १७॥
 
 
अनुवाद
श्री राम के राज्याभिषेक के समय नगरवासियों ने राजमार्ग पर पुष्प अर्पित किए और चारों ओर धूप की सुगंध फैलाई; ऐसा करके उन्होंने राजमार्ग को अत्यंत सुंदर बना दिया॥17॥
 
At the time of Shri Rama's coronation, the people of the city offered flowers on the highway and spread the fragrance of incense all around; by doing so they made the highway very beautiful.॥ 17॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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