श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 6: सीता सहित श्रीराम का नियम परायण होना, हर्ष में भरे पुरवासियों द्वारा नगर की सजावट  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.6.16 
बाला अपि क्रीडमाना गृहद्वारेषु सङ्घश:।
रामाभिषवसंयुक्ताश्चक्रुरेव कथा मिथ:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
अपने-अपने घरों के द्वारों पर खेलते हुए बालकों के समूह भी आपस में श्री रामजी के राज्याभिषेक की चर्चा कर रहे थे॥16॥
 
Groups of children playing at the doors of their houses also talked amongst themselves about the coronation of Sri Rama.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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