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ramayan 2.6.1: पुरोहित के चले जाने पर मन को वश में रखने वाले श्री रामजी ने स्नान किया और अपनी बड़ी-बड़ी आँखों वाली पत्नी के साथ श्री नारायण की पूजा आरम्भ की॥1॥   |   ramayan सर्ग 2.6: सीता सहित श्रीराम का नियम परायण होना, हर्ष में भरे पुरवासियों द्वारा नगर की सजावट   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.6.1 
गते पुरोहिते राम: स्नातो नियतमानस:।
सह पत्न्या विशालाक्ष्या नारायणमुपागमत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
पुरोहित के चले जाने पर मन को वश में रखने वाले श्री रामजी ने स्नान किया और अपनी बड़ी-बड़ी आँखों वाली पत्नी के साथ श्री नारायण की पूजा आरम्भ की॥1॥
 
After the priest left, Sri Rama, who had kept his mind under control, took a bath and along with his wife who had big eyes, began the worship of Sri Narayana.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)