श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 59: सुमन्त्र द्वारा श्रीराम के शोक से जडचेतन एवं अयोध्यापुरी की दुरवस्था का वर्णन तथा राजा दशरथ का विलाप  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.59.12 
हर्म्यैर्विमानै: प्रासादैरवेक्ष्य रथमागतम्।
हाहाकारकृता नार्यो रामादर्शनकर्शिता:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
रथ को खाली लौटता देख, बुर्जों, विमानों और महलों पर बैठी हुई स्त्रियाँ श्री रामजी को न देख कर दुःखी हो गईं और विलाप करने लगीं॥12॥
 
'The women seated on the towers, aircrafts and palaces, on seeing the chariot return empty, became distressed at not having seen Sri Rama and started wailing.॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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