Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.55.23: नदी पार करने के बाद उन्होंने नाव किनारे पर छोड़ दी और यमुना नदी के पास जंगल से निकलकर वे एक श्याम वट वृक्ष के पास पहुंचे जिसकी शीतल छाया थी और जो हरे पत्तों से सुशोभित था। | ramayan सर्ग 2.55: श्रीराम आदि का अपने ही बनाये हुए बेडे से यमुनाजी को पार करना, सीता की यमुना और श्यामवट से प्रार्थना,यमुनाजी के समतल तट पर रात्रि में निवास करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते तीर्णा: प्लवमुत्सृज्य प्रस्थाय यमुनावनात्।
श्यामं न्यग्रोधमासेदु: शीतलं हरितच्छदम्॥ २३॥
अनुवाद
नदी पार करने के बाद उन्होंने नाव किनारे पर छोड़ दी और यमुना नदी के पास जंगल से निकलकर वे एक श्याम वट वृक्ष के पास पहुंचे जिसकी शीतल छाया थी और जो हरे पत्तों से सुशोभित था।
After crossing the river he left the boat on the bank and leaving the forest near the river Yamuna he reached a Shyam Vat tree which had a cool shade and was adorned with green leaves.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥