Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.55.11: जब ऋषि लौटकर आए, तो श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा, "सुमित्रनंदन! आपका कल्याण हो। ये ऋषिगण जिस प्रकार हम पर इतने कृपालु हैं, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि हमने पहले भी बड़े पुण्य कर्म किए हैं।" | ramayan सर्ग 2.55: श्रीराम आदि का अपने ही बनाये हुए बेडे से यमुनाजी को पार करना, सीता की यमुना और श्यामवट से प्रार्थना,यमुनाजी के समतल तट पर रात्रि में निवास करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब ऋषि लौटकर आए, तो श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा, "सुमित्रनंदन! आपका कल्याण हो। ये ऋषिगण जिस प्रकार हम पर इतने कृपालु हैं, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि हमने पहले भी बड़े पुण्य कर्म किए हैं।"
When the sage returned, Shri Ram said to Lakshmana, 'Sumitra Nandan! May you be blessed. The way these sages are so kind to us, it seems that we have done great good deeds before.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥