श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 52: श्रीराम की आज्ञा से गुह का नाव मँगाना, श्रीराम का सुमन्त्र को समझाबुझाकर अयोध्यापुरी लौट जाने के लिये आज्ञा देना,सीता की गङ्गाजी से प्रार्थना  »  श्लोक 80
 
 
श्लोक  2.52.80 
अनुज्ञाय सुमन्त्रं च सबलं चैव तं गुहम्।
आस्थाय नावं रामस्तु चोदयामास नाविकान्॥ ८०॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद श्री राम ने सुमन्तराम और गुह को सेना सहित प्रस्थान करने का आदेश दिया और फिर स्वयं सुखपूर्वक नाव में बैठकर केवटों को उसे चलाने का आदेश दिया।80.
 
After this, Shri Ram ordered Sumantram and Guha to leave with the army and then sat comfortably in the boat and ordered the boatmen to steer it. 80.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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