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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 2: अयोध्या काण्ड
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सर्ग 52: श्रीराम की आज्ञा से गुह का नाव मँगाना, श्रीराम का सुमन्त्र को समझाबुझाकर अयोध्यापुरी लौट जाने के लिये आज्ञा देना,सीता की गङ्गाजी से प्रार्थना
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श्लोक 61
श्लोक
2.52.61
नगरीं त्वां गतं दृष्ट्वा जननी मे यवीयसी।
कैकेयी प्रत्ययं गच्छेदिति रामो वनं गत:॥ ६१॥
अनुवाद
'जब तुम नगर में लौटोगे, तब मेरी छोटी माता कैकेयी तुम्हें देखकर निश्चय कर लेंगी कि राम वन चले गये हैं।
'When you return to the city, then my younger mother Kaikeyi will see you and be convinced that Rama has left for the forest.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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