Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.51.10: 'देखो! वही भगवान राम, जिनके क्रोध का सामना समस्त देवता और दानव मिलकर भी नहीं कर सकते, अब सीता के साथ तिनकों पर सुखपूर्वक सो रहे हैं॥ 10॥ | ramayan सर्ग 2.51: निषादराज गुह के समक्ष लक्ष्मण का विलाप । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यो न देवासुरै: सर्वै: शक्य: प्रसहितुं युधि।
तं पश्य सुखसंसुप्तं तृणेषु सह सीतया॥ १०॥
अनुवाद
'देखो! वही भगवान राम, जिनके क्रोध का सामना समस्त देवता और दानव मिलकर भी नहीं कर सकते, अब सीता के साथ तिनकों पर सुखपूर्वक सो रहे हैं॥ 10॥
'Look! The same Lord Rama whose ferocity cannot be resisted even by all the gods and demons combined, is now sleeping comfortably on straws with Sita.॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥