श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 5: वसिष्ठजी का सीता सहित श्रीराम को उपवास व्रत की दीक्षा देना,राजा दशरथ का अन्तःपुर में प्रवेश  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.5.9 
प्रसन्नस्ते पिता राम यत्त्वं राज्यमवाप्स्यसि।
उपवासं भवानद्य करोतु सह सीतया॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'श्रीराम! तुम्हारे पिता तुम पर बहुत प्रसन्न हैं, क्योंकि तुम उनसे राज्य प्राप्त करोगे; इसलिए तुम अपनी वधु सीता सहित आज रात्रि को उपवास करो॥ 9॥
 
'Shri Ram! Your father is very pleased with you, as you will inherit the kingdom from him; therefore you should fast tonight along with your bride Sita.॥ 9॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas