vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 2: अयोध्या काण्ड
»
सर्ग 49: ग्रामवासियों की बातें सुनते हुए श्रीराम का कोसल जनपद को लाँघते हुए आगे जाना और वेदश्रुति, गोमती एवं स्यन्दि का नदियों को पार करके सुमन्त्र से कुछ कहना
»
श्लोक 6
श्लोक
2.49.6
या पुत्रमीदृशं राज्ञ: प्रवासयति धार्मिकम्।
वनवासे महाप्राज्ञं सानुक्रोशं जितेन्द्रियम्॥ ६॥
अनुवाद
'महाराज के पुत्र को, जो धर्मात्मा, ज्ञानी, दयालु और अपनी इन्द्रियों को वश में रखने वाला है, किसने घर से निकाल कर वनवास भेज दिया है?
'Who has sent the Maharaja's son, who is pious, knowledgeable, kind and has controlled his senses, out of his home to go into exile?
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas