| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 2: अयोध्या काण्ड » सर्ग 48: नगरनिवासिनी स्त्रियों का विलाप करना » श्लोक 9 |
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| | | | श्लोक 2.48.9  | आपगा: कृतपुण्यास्ता: पद्मिन्यश्च सरांसि च।
येषु यास्यति काकुत्स्थो विगाह्य सलिलं शुचि॥ ९॥ | | | | | | अनुवाद | | ‘उन नदियों, कमलों से सुशोभित कुओं और सरोवरों ने अवश्य ही बहुत पुण्य किया होगा, उनके पवित्र जल में स्नान करके भगवान राम आगे चलेंगे।॥9॥ | | | | ‘Those rivers, lotus-decorated wells and lakes must have done a lot of good deeds, after bathing in their holy waters Lord Rama will proceed further.॥ 9॥ | | ✨ ai-generated | | |
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