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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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सर्ग 48: नगरनिवासिनी स्त्रियों का विलाप करना
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श्लोक 7
श्लोक
2.48.7
किं नु तेषां गृहै: कार्यं किं दारै: किं धनेन वा।
पुत्रैर्वापि सुखैर्वापि ये न पश्यन्ति राघवम्॥ ७॥
अनुवाद
वह बोली, 'जो लोग श्री रामजी को नहीं देखते, उन्हें घर, स्त्री, पुत्र, धन और सुखों से क्या लेना-देना?॥ 7॥
She said, 'What do those who do not see Sri Rama have to do with home, wife, son, wealth and pleasures?॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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