श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 48: नगरनिवासिनी स्त्रियों का विलाप करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.48.12 
विचित्रकुसुमापीडा बहुमञ्जरिधारिण:।
राघवं दर्शयिष्यन्ति नगा भ्रमरशालिन:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
'विचित्र पुष्पों के मुकुट धारण करके और बहुत से पुष्पों के समूह धारण करके, मधुमक्खियों से सुशोभित वृक्ष वन में श्री रामजी को अपनी शोभा दिखाएंगे।॥12॥
 
'Wearing crowns of strange flowers and wearing many clusters of flowers, the trees adorned with bees will show their beauty to Sri Rama in the forest. ॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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