श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 46: सीता और लक्ष्मण सहित श्रीराम का रात्रि में तमसा-तट पर निवास, पुरवासियों को सोते छोड़कर वन की ओर जाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.46.12 
सोऽश्वान् सुमन्त्र: संयम्य सूर्येऽस्तं समुपागते।
प्रभूतयवसान् कृत्वा बभूव प्रत्यनन्तर:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
सूर्य के अस्त हो जाने पर सुमन्तराम घोड़ों को ले आए, उन्हें बाँधा, उनके आगे बहुत-सा चारा रखा और श्री रामजी के पास आए॥12॥
 
After the sun had set, Sumantram brought the horses, tied them, put a lot of fodder in front of them and came to Sri Rama.॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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