श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 44: सुमित्रा का कौसल्या को आश्वासन देना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  2.44.17 
पृथिव्या सह वैदेह्या श्रिया च पुरुषर्षभ:।
क्षिप्रं तिसृभिरेताभि: सह रामोऽभिषेक्ष्यते॥ १७॥
 
 
अनुवाद
‘शीघ्र ही पृथ्वी, सीता और लक्ष्मी के साथ पुरुषोत्तम श्री राम का राजा के रूप में अभिषेक होगा।॥17॥
 
‘Soon the greatest of men, Shri Ram will be anointed as the king along with Prithvi, Sita and Lakshmi.॥ 17॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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