श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 43: महारानी कौसल्या का विलाप  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.43.9 
अपीदानीं स काल: स्यान्मम शोकक्षय: शिव:।
सहभार्यं सह भ्रात्रा पश्येयमिह राघवम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'क्या वह शुभ घड़ी फिर आएगी, जिससे मेरा शोक दूर हो जाएगा और मैं श्री राम को सीता और लक्ष्मण सहित वन से लौटते हुए देख सकूँगा?॥9॥
 
'Will that auspicious moment come again which will dispel my grief and I will see Sri Rama returning from the forest along with Sita and Lakshmana?॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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