श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 42: राजा दशरथ का पृथ्वी पर गिरना, श्रीराम के लिये विलाप करना, कैकेयी को अपने पास आने से मना करना और उसे त्याग देना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  2.42.14 
वाहनानां च मुख्यानां वहतां तं ममात्मजम्।
पदानि पथि दृश्यन्ते स महात्मा न दृश्यते॥ १४॥
 
 
अनुवाद
'हाय! मैं अपने पुत्र को वन में ले जाने वाले उत्तम वाहनों (घोड़ों) के पदचिह्न तो देख सकता हूँ; परन्तु उन महान् श्री रामजी को नहीं देख सकता॥ 14॥
 
'Alas! I can see the footprints of the excellent vehicles (horses) taking my son to the forest on the way; but I cannot see that great Sri Ram.॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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