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ramayan 2.40.26: 'तुम्हारी बुद्धि विशाल है। यह तुम्हारा महान उत्थान है और तुम्हें स्वर्ग का मार्ग मिल गया है, क्योंकि तुम श्री राम का अनुसरण कर रहे हो।'॥26॥   |   ramayan सर्ग 2.40: सीता, राम और लक्ष्मण का दशरथ की परिक्रमा करके कौसल्या आदि को प्रणाम करना, सीता सहित श्रीराम और लक्ष्मण का रथ में बैठकर वन की ओर प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 40: सीता, राम और लक्ष्मण का दशरथ की परिक्रमा करके कौसल्या आदि को प्रणाम करना, सीता सहित श्रीराम और लक्ष्मण का रथ में बैठकर वन की ओर प्रस्थान  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.40.26 
महत्येषा हि ते बुद्धिरेष चाभ्युदयो महान्।
एष स्वर्गस्य मार्गश्च यदेनमनुगच्छसि॥ २६॥
 
 
अनुवाद
'तुम्हारी बुद्धि विशाल है। यह तुम्हारा महान उत्थान है और तुम्हें स्वर्ग का मार्ग मिल गया है, क्योंकि तुम श्री राम का अनुसरण कर रहे हो।'॥26॥
 
‘Your wisdom is vast. This is your great rise and you have found the path to heaven because you are following Shri Ram.'॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)