श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 4: श्रीराम का माता को समाचार बताना और माता से आशीर्वाद पाकर लक्ष्मण से प्रेमपूर्वक वार्तालाप करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  2.4.6 
प्रवेश्य चैनं त्वरितो रामो वचनमब्रवीत्।
यदागमनकृत्यं ते भूयस्तद‍्ब्रूह्यशेषत:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उसे अन्दर बुलाकर श्री राम ने बड़ी अधीरता से पूछा, ‘तुम्हें फिर यहाँ आने की क्या आवश्यकता थी?’ विस्तार से बताओ।
 
Calling him inside, Shri Ram asked him very impatiently, 'What was the need for you to come here again?' Tell me in detail.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd