Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.4.34: इस प्रकार धर्म में तत्पर अपनी माता के पास जाकर श्री रामजी ने उन्हें प्रणाम किया और उन्हें प्रसन्न करते हुए ये महान् वचन कहे -॥34॥   |   ramayan सर्ग 2.4: श्रीराम का माता को समाचार बताना और माता से आशीर्वाद पाकर लक्ष्मण से प्रेमपूर्वक वार्तालाप करना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 4: श्रीराम का माता को समाचार बताना और माता से आशीर्वाद पाकर लक्ष्मण से प्रेमपूर्वक वार्तालाप करना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  2.4.34 
तथा सनियमामेव सोऽभिगम्याभिवाद्य च।
उवाच वचनं रामो हर्षयंस्तामिदं वरम्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार धर्म में तत्पर अपनी माता के पास जाकर श्री रामजी ने उन्हें प्रणाम किया और उन्हें प्रसन्न करते हुए ये महान् वचन कहे -॥34॥
 
Thus going near his mother who was still engaged in discipline, Sri Rama bowed to her and giving her joy said these great words -॥ 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)